यह मीठी यादों कीझूले में जब झूले दिल
तू कहां हे ...
मेरे बहार ...?
जब मन तुझे बुलाए ...
दिल तुझे पुकारे ...
कहां खो गयी हो
मेरे मीठे सावन को
मेरे हाथों से लुटाकर